टपटप टपटप गोड़ बजावत,
'देखऽ दउड़ल
जाला घोड़ा।
सरपट सरपट लांघत जाता,
माटी गिट्टी बजरी रोड़ा
।
लाला जी के बग्गी में जोतल,
दूनों
आँख पट्टी से तोपल।
भारी भरमक बोझ उठवले,
दुल्की चाल में
सरकत घोड़ा।
माटी गिट्टी बजरी रोड़ा
।
लाला जी के बग्गी में जोतल,
दूनों
आँख पट्टी से तोपल।
भारी भरमक बोझ उठवले,